उत्तर प्रदेश के हरदोई में कारोबारी के घर हुई करोड़ों की चोरी की वारदात का पुलिस ने खुलासा करने का दावा किया है। घर में काम करने वाले नौकरों ने कथित तौर पर अलमारी की चाबी, नकदी और परिवार की दिनचर्या की जानकारी अपने साथियों तक पहुंचाई।
By : Admin User | Updated at : 26 Jul 2026, 11:10 am (IST)
उत्तर प्रदेश के हरदोई में एक कारोबारी के घर हुई 1 करोड़ रुपये से ज्यादा की चोरी ने पुलिस को हैरान कर दिया था। अब पुलिस ने इस हाई-प्रोफाइल चोरी की गुत्थी सुलझाने का दावा किया है। मामले में दो बाल अपचारियों समेत कुल 16 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों के कब्जे से पुलिस ने 1 करोड़ 28 लाख 99 हजार 310 रुपये की नकदी बरामद की है। हालांकि, पुलिस के मुताबिक गिरोह के कुछ सदस्य अभी भी फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है।
यह वारदात शहर कोतवाली के रेलवेगंज इलाके में रहने वाले थोक परचून कारोबारी पंकज अग्रवाल के घर 17 जुलाई की रात हुई थी। परिवार के लोग घर में सो रहे थे, जबकि घर में रखी अलमारी की चाबी तकिए के नीचे थी। चोरी के बाद नोटों से भरे आठ बैग गायब मिले। शुरुआती जांच में पुलिस का शक घर में काम करने वाले तीन नौकरों पर गया। जांच आगे बढ़ी तो कथित तौर पर सामने आया कि घर में काम करने वाले दो नाबालिग नौकर और कर्मचारी शोभित को घर में रखी नकदी, अलमारी की चाबी और परिवार की दिनचर्या की जानकारी थी।
पुलिस के अनुसार, इसी जानकारी को कथित तौर पर बाहर मौजूद साथियों तक पहुंचाया गया और चोरी की योजना तैयार की गई। आरोप है कि वारदात से पहले परिवार के खाने में नींद की गोलियां मिला दी गईं। परिवार के गहरी नींद में जाने के बाद आरोपी छत के रास्ते घर में दाखिल हुए। इसके बाद पंकज अग्रवाल के कमरे से तकिए के नीचे रखी अलमारी की चाबी निकाली गई और अलमारी खोलकर उसमें रखे नोटों से भरे आठ बैग बाहर खड़े वाहन में लाद दिए गए।
चोरी के बाद पुलिस ने मामले की जांच के लिए SOG, SWAT और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम बनाई। सर्विलांस और पूछताछ के आधार पर जांच आगे बढ़ी और कथित तौर पर गिरोह से जुड़े लोगों की कड़ियां सामने आती गईं। पुलिस ने अलग-अलग स्थानों पर दबिश देकर 14 आरोपियों को गिरफ्तार किया, जबकि दो बाल अपचारियों को हिरासत में लिया गया।
पुलिस का कहना है कि चोरी की रकम काफी ज्यादा थी, इसलिए उसे अलग-अलग लोगों के जरिए छिपाने की कोशिश की गई। जांच में अजय शुक्ला, शिवम और बदन समेत कई लोगों के नाम सामने आए हैं। पुलिस के मुताबिक, इन लोगों ने कथित तौर पर घरेलू नौकरों से संपर्क कर घर की रेकी कराई और चोरी की पूरी प्लानिंग तैयार की।
पुलिस के अनुसार, व्यापारी ने केस दर्ज कराते समय चोरी हुई पूरी रकम का उल्लेख नहीं किया था। बाद में जांच के दौरान नकदी की वास्तविक मात्रा और पूरी साजिश की परतें सामने आईं। फिलहाल पुलिस फरार आरोपियों की तलाश कर रही है और बरामद रकम के अलावा बाकी नकदी की रिकवरी की भी कोशिश की जा रही है।
Published at : 26 Jul 2026, 11:10 am (IST)