लोकसभा ने लंबी बहस और हंगामे के बाद एंटी पेपर लीक संशोधन बिल को ध्वनि मत से पारित कर दिया। बिल पर चर्चा के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक हुई। केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने विपक्ष पर राजनीति करने का आरोप लगाया, जबकि राहुल गांधी के बयान को लेकर भी सदन में विवाद देखने को मिला।
By : Admin User | Updated at : 29 Jul 2026, 04:27 pm (IST)
नई दिल्ली: लोकसभा ने हंगामे और लंबी चर्चा के बाद एंटी पेपर लीक संशोधन बिल को ध्वनि मत से पारित कर दिया। बिल पर चर्चा के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस और नोकझोंक देखने को मिली। विपक्ष के नेता राहुल गांधी के बयान को लेकर भी सदन में जोरदार हंगामा हुआ। बिल पारित होने के बाद लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सदन की कार्यवाही 30 जुलाई सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी।
बिल पेश करते हुए केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि इतने महत्वपूर्ण विधेयक पर रचनात्मक सुझाव देने के बजाय विपक्ष राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप में लगा हुआ है। उन्होंने कहा कि यह कानून युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने और परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता लाने के उद्देश्य से लाया गया है।
राहुल गांधी के बयान पर सरकार का जवाब
डॉ. जितेंद्र सिंह ने विपक्ष के नेता राहुल गांधी के बयान पर भी कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि देश के युवाओं के लिए कथित तौर पर अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल करना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने संसदीय मर्यादाओं का पालन करने की नसीहत देते हुए कहा कि संसद के भीतर शब्दों का चयन बेहद जिम्मेदारी के साथ होना चाहिए।
सरकार का कहना है कि एंटी पेपर लीक संशोधन बिल का उद्देश्य भर्ती और प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक जैसी घटनाओं पर सख्ती से रोक लगाना, दोषियों के खिलाफ कड़े प्रावधान लागू करना और युवाओं के हितों की रक्षा करना है। वहीं विपक्ष ने बिल के कुछ प्रावधानों और सरकार की मंशा पर सवाल उठाए, जिसके कारण सदन में जोरदार बहस देखने को मिली।