अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा कि अमेरिका ईरान पर बड़े सैन्य हमले के लिए पूरी तरह तैयार है। ईरान ने कड़ी चेतावनी दी है, जबकि ब्रिटेन ने सेना को अलर्ट पर रखा है। जानिए अमेरिका-ईरान तनाव के 5 बड़े अपडेट और पूरी स्थिति।
By : Admin User | Updated at : 24 Jul 2026, 02:10 pm (IST)
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने बड़ा बयान देते हुए कहा कि अमेरिका ईरान पर अब तक का सबसे बड़ा सैन्य हमला करने के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने कहा कि सैन्य तैयारियां पूरी हो चुकी हैं और अब केवल अंतिम राजनीतिक फैसले का इंतजार है। ट्रम्प ने यह भी कहा कि ईरान ने अभी तक "पर्याप्त दर्द" नहीं झेला है, जिससे संकेत मिल रहे हैं कि अमेरिका जरूरत पड़ने पर बड़ा सैन्य अभियान शुरू कर सकता है।
ईरान का पलटवार, कहा- भारी कीमत चुकानी होगी
ट्रम्प के बयान के तुरंत बाद ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यदि अमेरिका ने नए हमले किए तो उसे इसकी "बहुत भारी कीमत" चुकानी पड़ेगी। अराघची ने जोर देकर कहा कि क्षेत्र में शांति केवल बातचीत से संभव है, युद्ध से नहीं। तनाव बढ़ने के बीच ब्रिटेन ने भी अपनी सेना को हाई अलर्ट पर रखा है। ब्रिटिश सरकार ने स्पष्ट किया है कि जरूरत पड़ने पर उसकी सेना देश और सहयोगी देशों की सुरक्षा के लिए पूरी तरह तैयार है। इससे पहले ईरान समर्थित रिवोल्यूशनरी गार्ड (IRGC) चेतावनी दे चुका है कि यदि अमेरिका ब्रिटेन के सैन्य अड्डों का इस्तेमाल करता है तो उन्हें भी निशाना बनाया जा सकता है।
रेड सी में हूती विद्रोहियों का हमला
यमन के हूती विद्रोहियों ने रेड सी में सऊदी अरब के दो तेल टैंकरों पर बैलिस्टिक मिसाइल, क्रूज मिसाइल और ड्रोन से हमला करने का दावा किया है। संगठन के मुताबिक दोनों जहाजों में आग लग गई। इस हमले के बाद समुद्री व्यापार पर भी असर देखने को मिला है। बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य में सुरक्षा खतरे को देखते हुए कम से कम 10 अंतरराष्ट्रीय जहाजों ने अपना मार्ग बदल लिया है। अब ये जहाज अफ्रीका के दक्षिणी हिस्से केप ऑफ गुड होप के रास्ते लंबा सफर तय कर रहे हैं, जिससे वैश्विक शिपिंग लागत बढ़ने की आशंका है।
भारत की उड़ानों पर भी असर
अमेरिका-ईरान तनाव का असर भारत पर भी दिखाई दे रहा है। 20 जुलाई तक भारतीय एयरलाइंस की करीब 26 हजार अंतरराष्ट्रीय उड़ानें प्रभावित हुई हैं। कई उड़ानें रद्द करनी पड़ीं, जबकि अनेक विमानों का रूट बदलने और देरी से संचालन की नौबत आई। इसी बीच अमेरिकी प्रतिनिधि सभा ने 95 अरब डॉलर के रक्षा बजट को मंजूरी दे दी है। यह प्रस्ताव अब सीनेट में जाएगा। माना जा रहा है कि इस अतिरिक्त फंड का इस्तेमाल ईरान से जुड़े संभावित सैन्य अभियानों और अन्य राष्ट्रीय सुरक्षा जरूरतों के लिए किया जा सकता है।
Published at : 24 Jul 2026, 02:10 pm (IST)