NEET पेपर लीक विवाद के बीच केंद्र सरकार पब्लिक एग्जामिनेशन एक्ट में बड़ा संशोधन करने की तैयारी में है। प्रस्तावित बदलावों में 10 साल तक की जेल, ₹10 करोड़ तक जुर्माना और फास्ट-ट्रैक कोर्ट के जरिए मामलों का जल्द निपटारा शामिल है।
By : Admin User | Updated at : 24 Jul 2026, 03:52 pm (IST)
नई दिल्ली: NEET पेपर लीक विवाद और देशभर में छात्रों के विरोध-प्रदर्शन के बीच केंद्र सरकार परीक्षा प्रणाली को अधिक सुरक्षित बनाने के लिए बड़ा कदम उठाने की तैयारी में है। सरकार 'पब्लिक एग्जामिनेशन (अनुचित साधनों की रोकथाम) एक्ट, 2024' को और सख्त बनाने के लिए संशोधन लाने की योजना पर काम कर रही है। प्रस्तावित बदलावों के तहत पेपर लीक जैसे गंभीर मामलों में 10 साल तक की जेल और 10 करोड़ रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान किया जा सकता है।
सूत्रों के मुताबिक, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हालिया संदेश के बाद सरकार ने परीक्षा से जुड़े अपराधों पर सख्त कार्रवाई का फैसला लिया है। शुक्रवार को होने वाली केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में इन संशोधनों को मंजूरी मिलने की संभावना जताई जा रही है। मंजूरी मिलने के बाद सरकार आगामी संसद सत्र में संशोधन विधेयक पेश कर सकती है।
प्रस्तावित संशोधनों का सबसे अहम हिस्सा फास्ट-ट्रैक कोर्ट की व्यवस्था है। सरकार चाहती है कि पेपर लीक जैसे मामलों की सुनवाई तेजी से हो और दोषियों को जल्द सजा मिले। इसके लिए विशेष अदालतों के गठन का प्रस्ताव तैयार किया गया है।
फिलहाल लागू कानून के तहत पेपर लीक के दोषियों को 3 से 5 साल तक की जेल और 10 लाख रुपये तक जुर्माना हो सकता है। वहीं, संगठित अपराध से जुड़े मामलों में 5 से 10 साल की सजा और कम से कम 1 करोड़ रुपये जुर्माने का प्रावधान है। नए संशोधनों के बाद इन दंडों को और कड़ा किए जाने की संभावना है।
सरकार का मानना है कि सख्त कानूनी प्रावधानों से परीक्षा माफिया पर प्रभावी रोक लगेगी और छात्रों का परीक्षा प्रणाली पर विश्वास मजबूत होगा। वहीं विपक्ष लगातार सरकार से पेपर लीक मामलों में जवाबदेही तय करने और दोषियों पर कठोर कार्रवाई की मांग कर रहा है।
यदि कैबिनेट से मंजूरी मिल जाती है, तो यह संशोधन विधेयक संसद में पेश किया जाएगा और पारित होने के बाद देशभर में प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक और नकल के मामलों पर पहले से कहीं अधिक सख्त कानूनी कार्रवाई संभव होगी।
Published at : 24 Jul 2026, 03:52 pm (IST)