दिल्ली हाईकोर्ट ने जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की सुरक्षा और स्वास्थ्य को लेकर दायर जनहित कोर्ट ने कहा कि डॉक्टरों की सलाह के आधार पर जरूरत पड़ने पर तुरंत हस्तक्षेप किया जाए, क्योंकि हर नागरिक की जिंदगी अनमोल है।
By : Admin User | Updated at : 16 Jul 2026, 12:59 pm (IST)
दिल्ली हाईकोर्ट ने जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की बिगड़ती सेहत को लेकर चिंता जताते हुए केंद्र सरकार को उनकी नियमित मेडिकल जांच कराने और जरूरत पड़ने पर तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है। वांगचुक पिछले 19 दिनों से दिल्ली के जंतर-मंतर पर भूख हड़ताल पर बैठे हैं। उनकी सुरक्षा और स्वास्थ्य को लेकर दायर जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान अदालत ने स्पष्ट किया कि हर नागरिक का जीवन अनमोल है और उसकी रक्षा करना सरकार की जिम्मेदारी है।
सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार की ओर से सॉलिसिटर जनरल ने अदालत को बताया कि इस मामले में पहले ही नोटिस जारी किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि सरकारी डॉक्टर प्रतिदिन सोनम वांगचुक की स्वास्थ्य जांच कर रहे हैं और जब भी उन्होंने अनुमति दी, मेडिकल टीम ने उनका परीक्षण किया। इसके अलावा, निजी डॉक्टरों को भी उनकी जांच की अनुमति दी गई है।
इस पर हाईकोर्ट ने कहा कि वह यह सुनिश्चित करना चाहता है कि सरकारी डॉक्टर नियमित रूप से उनकी मेडिकल जांच करें और यदि डॉक्टरों की रिपोर्ट में स्वास्थ्य संबंधी कोई गंभीर चिंता सामने आती है, तो बिना देरी किए आवश्यक चिकित्सीय हस्तक्षेप किया जाए।
सॉलिसिटर जनरल ने अदालत को भरोसा दिलाया कि सरकार डॉक्टरों की सलाह के अनुसार हर जरूरी कदम उठाएगी। उन्होंने कहा कि हर नागरिक की जान कीमती है और सोनम वांगचुक को आवश्यक चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने में कोई कमी नहीं छोड़ी जाएगी।
अदालत ने सरकार के इस आश्वासन को रिकॉर्ड पर लेते हुए कहा कि डॉक्टरों की राय और स्वास्थ्य रिपोर्ट के आधार पर यदि स्थिति गंभीर होती है तो तत्काल उचित कदम उठाए जाएं। कोर्ट ने यह भी कहा कि याचिका का उद्देश्य केवल यह सुनिश्चित करना है कि अनशन के दौरान सोनम वांगचुक के स्वास्थ्य की लगातार निगरानी हो और समय रहते आवश्यक चिकित्सा सहायता मिल सके।
Published at : 16 Jul 2026, 12:59 pm (IST)