वाराणसी में भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए उत्तर प्रदेश सतर्कता अधिष्ठान (विजिलेंस) ने जीएसटी (राज्य) सेक्टर-6 की डिप्टी कमिश्नर अंबिका सिंह को ₹50 हजार की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया। आरोपी अधिकारी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी गई है।
By : Admin User | Updated at : 16 Jul 2026, 11:52 am (IST)
उत्तर प्रदेश के वाराणसी में भ्रष्टाचार के खिलाफ सतर्कता अधिष्ठान (विजिलेंस) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए जीएसटी (राज्य) सेक्टर-6 की डिप्टी कमिश्नर अंबिका सिंह को ₹50 हजार की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई के बाद जीएसटी विभाग में हड़कंप मच गया है। विजिलेंस टीम ने चेतगंज क्षेत्र स्थित दादा रेस्टोरेंट के पास पहले से जाल बिछाकर आरोपी अधिकारी को दबोचा।
जानकारी के अनुसार, भेलूपुर थाना क्षेत्र के लखरांव बजरडीहा निवासी अजय कुमार मौर्य, जो ब्लैक स्मिथ इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक हैं, ने इस मामले की शिकायत सतर्कता अधिष्ठान से की थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि उनकी कंपनी के फरवरी 2023 के लंबित GST रिटर्न और कर मूल्यांकन के निस्तारण के बदले डिप्टी कमिश्नर अंबिका सिंह ने ₹50 हजार की रिश्वत की मांग की थी।
शिकायत के बाद विजिलेंस ने बिछाया जाल
कारोबारी की शिकायत की पुष्टि होने के बाद विजिलेंस टीम ने सुनियोजित तरीके से ट्रैप की योजना बनाई। तय रणनीति के अनुसार शिकायतकर्ता को रिश्वत की रकम लेकर चेतगंज स्थित दादा रेस्टोरेंट के पास भेजा गया। जैसे ही आरोपी अधिकारी ने कारोबारी से ₹50 हजार की नकद रिश्वत स्वीकार की, पहले से सिविल ड्रेस में मौजूद विजिलेंस टीम ने उन्हें मौके पर ही पकड़ लिया। कार्रवाई के दौरान रिश्वत की पूरी रकम भी बरामद कर ली गई।
बताया गया कि गिरफ्तारी के दौरान महिला अधिकारी ने खुद को छुड़ाने की कोशिश की, लेकिन महिला पुलिसकर्मियों और विजिलेंस टीम ने उन्हें तुरंत हिरासत में ले लिया।
भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज
इस कार्रवाई के बाद आरोपी डिप्टी कमिश्नर के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। विजिलेंस अधिकारियों के मुताबिक, मौके से मिले साक्ष्यों और दस्तावेजों के आधार पर मामले की विस्तृत जांच जारी है। जांच पूरी होने के बाद नियमानुसार आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
यह कार्रवाई उत्तर प्रदेश में भ्रष्टाचार के खिलाफ जारी अभियान का हिस्सा मानी जा रही है। विजिलेंस विभाग ने आम लोगों से भी अपील की है कि यदि कोई सरकारी अधिकारी किसी काम के बदले रिश्वत की मांग करता है तो उसकी शिकायत तुरंत संबंधित एजेंसी से करें, ताकि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा सके।
Published at : 16 Jul 2026, 11:52 am (IST)