अदालत ने मध्य प्रदेश सरकार को आवश्यक व्यवस्था करने के निर्देश दिए और कहा कि कानून-व्यवस्था के साथ नागरिकों के धार्मिक अधिकारों की रक्षा करना भी राज्य की जिम्मेदारी है।
By : Admin User | Updated at : 30 Jul 2026, 05:17 pm (IST)
मध्य प्रदेश के धार स्थित भोजशाला विवाद को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने अहम अंतरिम आदेश पारित किया है। अदालत ने मुस्लिम पक्ष को विवादित भोजशाला परिसर के निकट स्थित दरगाह से जुड़ी भूमि पर शुक्रवार को निर्धारित समय के दौरान जुमे की नमाज अदा करने की अनुमति दी है। साथ ही राज्य प्रशासन को नमाज के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने का निर्देश भी दिया गया है।
सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि संबंधित भूमि, जिसे राजस्व रिकॉर्ड में खसरा नंबर 596 के रूप में दर्ज बताया गया है, पर दोपहर 1 बजे से 3 बजे के बीच नमाज अदा की जा सकती है। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि दोनों पक्ष आपसी सहमति से किसी अन्य स्थान पर सहमत होते हैं, तो वे ऐसा करने के लिए स्वतंत्र होंगे।
सुनवाई के दौरान मध्य प्रदेश सरकार की ओर से कहा गया कि प्रशासन का उद्देश्य केवल शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखना है। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा कि राज्य का दायित्व केवल सुरक्षा व्यवस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि सभी नागरिकों के संवैधानिक और धार्मिक अधिकारों की रक्षा करना भी उसकी जिम्मेदारी है।
भोजशाला विवाद कई वर्षों से न्यायिक प्रक्रिया में है। हिंदू पक्ष इस स्थल को मां सरस्वती का प्राचीन मंदिर मानता है, जबकि मुस्लिम पक्ष इसे कमाल मौला मस्जिद और दरगाह से जुड़ा धार्मिक स्थल बताता है। लंबे समय से चली आ रही प्रशासनिक व्यवस्था के तहत मंगलवार को हिंदू समुदाय को पूजा-अर्चना और शुक्रवार को मुस्लिम समुदाय को नमाज अदा करने की अनुमति दी जाती रही है।
फिलहाल सुप्रीम कोर्ट का यह आदेश अंतिम फैसला नहीं है, बल्कि मामले की सुनवाई जारी रहने तक दी गई अंतरिम राहत है। भोजशाला के स्वामित्व और धार्मिक स्वरूप से जुड़े मूल विवाद पर अदालत में आगे भी सुनवाई जारी रहेगी।
Published at : 30 Jul 2026, 05:17 pm (IST)