छात्र की जांच उसकी लिखित एवं सूचित सहमति के बिना नहीं की जाएगी। इस पहल का उद्देश्य युवाओं में जागरूकता बढ़ाना और समय पर इलाज सुनिश्चित करना है।
By : Admin User | Updated at : 30 Jul 2026, 12:19 pm (IST)
कर्नाटक में युवाओं के बीच बढ़ते HIV संक्रमण के मामलों ने राज्य सरकार की चिंता बढ़ा दी है। हाल ही में जारी आंकड़ों के अनुसार, 18 से 25 वर्ष की आयु के 7,000 से अधिक छात्र और युवा HIV पॉजिटिव पाए गए हैं। इसके बाद सरकार ने इंजीनियरिंग, डिग्री, सरकारी, सहायता प्राप्त और निजी कॉलेजों में विशेष HIV जागरूकता अभियान, काउंसलिंग और स्वैच्छिक जांच शिविर आयोजित करने का निर्णय लिया है।
सरकार ने साफ किया है कि किसी भी छात्र का HIV टेस्ट उसकी स्पष्ट और सूचित सहमति के बिना नहीं किया जाएगा। यानी जांच पूरी तरह स्वैच्छिक होगी और किसी भी छात्र पर इसे कराने का कोई दबाव नहीं बनाया जाएगा। सरकार का उद्देश्य युवाओं में HIV के प्रति जागरूकता बढ़ाना, संक्रमण की समय पर पहचान करना और संक्रमित लोगों को जल्द उपचार उपलब्ध कराना है।
कर्नाटक स्टेट एड्स प्रिवेंशन सोसाइटी (KSAPS) के आंकड़ों के मुताबिक, 18 से 35 वर्ष आयु वर्ग में HIV संक्रमण के मामलों में लगातार वृद्धि दर्ज की गई है। वर्ष 2023-24 में इस आयु वर्ग में लगभग 44,500 मामले सामने आए थे, जबकि वर्ष 2025-26 में यह संख्या बढ़कर करीब 66,600 हो गई। इसी अवधि में 18 से 25 वर्ष के 7,000 से अधिक छात्र और युवा HIV संक्रमित पाए गए, जिसने सरकार की चिंता बढ़ा दी है।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, कॉलेज परिसरों में आयोजित किए जाने वाले कार्यक्रमों में छात्रों को HIV संक्रमण के कारण, बचाव के उपाय, जांच की प्रक्रिया और उपलब्ध उपचार संबंधी जानकारी दी जाएगी। साथ ही प्रशिक्षित विशेषज्ञों द्वारा काउंसलिंग भी की जाएगी ताकि युवाओं में इस बीमारी को लेकर फैली भ्रांतियों और सामाजिक कलंक को कम किया जा सके।
सरकार का मानना है कि जागरूकता, समय पर स्वैच्छिक जांच और शीघ्र उपचार के माध्यम से HIV संक्रमण की रोकथाम और नियंत्रण को अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है। इसी उद्देश्य से राज्यभर के कॉलेजों में चरणबद्ध तरीके से यह अभियान चलाया जाएगा।
Published at : 30 Jul 2026, 12:19 pm (IST)