चीन ने प्रशांत महासागर में अपनी परमाणु पनडुब्बी से अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल (ICBM) का परीक्षण किया है। चीनी सेना ने इसे नियमित सैन्य अभ्यास का हिस्सा बताया, लेकिन अमेरिका, जापान, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड ने इस कदम पर चिंता जताते हुए इसे क्षेत्रीय तनाव बढ़ाने वाला बताया है
By : Admin User | Updated at : 07 Jul 2026, 01:19 pm (IST)
चीन ने अपनी सैन्य क्षमता का प्रदर्शन करते हुए प्रशांत महासागर में परमाणु ऊर्जा से चलने वाली पनडुब्बी से बैलिस्टिक मिसाइल का सफल परीक्षण किया है। चीनी सेना पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) के अनुसार, यह परीक्षण उनकी नियमित वार्षिक सैन्य गतिविधियों का हिस्सा था और इसकी जानकारी पहले संबंधित देशों को दी गई थी।
रिपोर्ट के मुताबिक, PLA नेवी की एक न्यूक्लियर सबमरीन से एक रणनीतिक मिसाइल लॉन्च की गई, जिसमें डमी वारहेड लगाया गया था। चीनी सेना का दावा है कि मिसाइल ने तय लक्ष्य पर सफलतापूर्वक निशाना साधा। हालांकि, इस परीक्षण के बाद एशिया-प्रशांत क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर नई चिंताएं पैदा हो गई हैं।
अमेरिका ने चीन के इस मिसाइल परीक्षण पर प्रतिक्रिया देते हुए इसे क्षेत्रीय तनाव बढ़ाने वाला कदम बताया है। अमेरिकी विदेश विभाग ने कहा कि चीन का तेजी से बढ़ता परमाणु हथियार कार्यक्रम और सैन्य विस्तार वैश्विक सुरक्षा के लिए चिंता का विषय है। अमेरिका ने बीजिंग से हथियार नियंत्रण वार्ता में शामिल होने और मिसाइल परीक्षणों से जुड़ी अधिक पारदर्शिता बरतने की अपील की है।
जापान और ऑस्ट्रेलिया ने भी चीन के इस कदम पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि क्षेत्र में बढ़ती सैन्य गतिविधियां स्थिरता को प्रभावित कर सकती हैं। न्यूजीलैंड ने भी इस परीक्षण को लेकर गंभीर प्रतिक्रिया दी है।
चीन का यह कदम ऐसे समय में सामने आया है, जब प्रशांत महासागर क्षेत्र में अमेरिका और उसके सहयोगी देशों के बीच रणनीतिक प्रतिस्पर्धा लगातार बढ़ रही है। विशेषज्ञों के अनुसार, परमाणु पनडुब्बियों और लंबी दूरी की मिसाइलों की क्षमता में विस्तार चीन की सैन्य रणनीति का अहम हिस्सा बनता जा रहा है।
Published at : 07 Jul 2026, 01:19 pm (IST)
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