दोनों देशों के बीच ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल और अस्त्र Mk1 एयर-टू-एयर मिसाइल की संभावित सप्लाई पर सहमति बनी है। यह समझौता भारत के डिफेंस एक्सपोर्ट और इंडोनेशिया की सैन्य क्षमता को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
By : Admin User | Updated at : 07 Jul 2026, 02:38 pm (IST)
भारत और इंडोनेशिया के रिश्तों में रक्षा क्षेत्र को लेकर एक नया अध्याय जुड़ने जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इंडोनेशिया यात्रा के दौरान दोनों देशों ने सैन्य सहयोग को मजबूत करने और रक्षा उद्योग में साझेदारी बढ़ाने पर सहमति जताई है। इस दौरान भारत की स्वदेशी रक्षा तकनीक को इंडोनेशिया तक पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल हुई है।
समझौते के तहत इंडोनेशिया भारत की ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल प्रणाली और अस्त्र Mk1 एयर-टू-एयर मिसाइल में रुचि दिखा रहा है। अगर यह डील पूरी होती है तो यह भारत के लिए रक्षा निर्यात के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि होगी। वहीं, इंडोनेशिया को अपनी समुद्री और हवाई सुरक्षा क्षमता बढ़ाने में मदद मिलेगी।
DRDO द्वारा विकसित अस्त्र Mk1 मिसाइल आधुनिक लड़ाकू विमानों के लिए बनाई गई बियॉन्ड विजुअल रेंज मिसाइल है, जो लंबी दूरी से दुश्मन के विमानों को निशाना बनाने की क्षमता रखती है। इसके साथ ही ब्रह्मोस मिसाइल अपनी तेज रफ्तार, सटीक हमले और बहुउपयोगी लॉन्च क्षमता के कारण दुनिया की प्रमुख सुपरसोनिक क्रूज मिसाइलों में शामिल है।
भारत और इंडोनेशिया के बीच यह रक्षा सहयोग ऐसे समय में बढ़ रहा है, जब हिंद-प्रशांत क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा और रणनीतिक संतुलन महत्वपूर्ण मुद्दे बन चुके हैं। दोनों देश रक्षा आदान-प्रदान, सैन्य सहयोग और सुरक्षा साझेदारी को और विस्तार देने पर जोर दे रहे हैं।
यह समझौता भारत की 'मेक इन इंडिया' और आत्मनिर्भर रक्षा नीति को भी मजबूती देता है। रक्षा उपकरणों के निर्यात में बढ़ती भारत की भूमिका इस बात का संकेत है कि देश अब वैश्विक रक्षा बाजार में एक महत्वपूर्ण भागीदार के रूप में उभर रहा है।
Published at : 07 Jul 2026, 02:38 pm (IST)
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