प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की न्यूजीलैंड यात्रा के दौरान भारत और न्यूजीलैंड ने द्विपक्षीय संबंधों को नई दिशा दोनों देशों ने अपने रिश्तों को रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक पहुंचाया है।
By : Admin User | Updated at : 11 Jul 2026, 10:29 am (IST)
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की न्यूजीलैंड यात्रा दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों के लिए एक महत्वपूर्ण पड़ाव साबित हुई। लंबे अंतराल के बाद हुई इस उच्चस्तरीय मुलाकात में भारत और न्यूजीलैंड ने कुल 18 बड़े फैसलों पर सहमति जताई, जिनमें 10 समझौता ज्ञापन (MoUs) और 8 प्रमुख घोषणाएं शामिल हैं। इन निर्णयों के साथ दोनों देशों ने अपने संबंधों को रणनीतिक साझेदारी का नया स्वरूप दिया है।
रक्षा और समुद्री सुरक्षा इस साझेदारी के सबसे अहम पहलुओं में शामिल हैं। दोनों देश संयुक्त सैन्य अभ्यास, समुद्री निगरानी, सुरक्षा से जुड़ी सूचनाओं के आदान-प्रदान और हाइड्रोग्राफिक सहयोग को बढ़ावा देंगे। इसके अलावा, जरूरत पड़ने पर दोनों देशों की नौसेनाएं एक-दूसरे को लॉजिस्टिक सहायता भी उपलब्ध करा सकेंगी, जिससे हिंद-प्रशांत क्षेत्र में समुद्री सहयोग और मजबूत होगा।
आतंकवाद के खिलाफ संयुक्त प्रयासों को बढ़ाने के लिए दोनों देशों ने एक साझा कार्य समूह बनाने का निर्णय लिया है। इसके माध्यम से आतंकवाद से जुड़ी सूचनाओं का आदान-प्रदान और समन्वित रणनीति तैयार की जाएगी। वहीं, भूकंप, सुनामी और अन्य प्राकृतिक आपदाओं से निपटने के लिए आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में भी अनुभव, तकनीक और विशेषज्ञता साझा की जाएगी।
कृषि और डेयरी क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के उद्देश्य से आधुनिक तकनीक, अनुसंधान और बेहतर खेती के तरीकों को अपनाने पर सहमति बनी है। कीवी उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए नागालैंड और उत्तराखंड में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किए जाएंगे, जहां किसानों को आधुनिक प्रशिक्षण और तकनीकी सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
दोनों देशों ने पर्यटन, शिक्षा, खेल और सांस्कृतिक आदान-प्रदान को भी प्राथमिकता दी है। खिलाड़ियों के प्रशिक्षण, स्पोर्ट्स साइंस, छात्र विनिमय कार्यक्रम और शोध सहयोग को बढ़ावा दिया जाएगा। साथ ही गुजरात के लोथल स्थित राष्ट्रीय समुद्री विरासत परिसर के विकास में न्यूजीलैंड सहयोग करेगा और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण पर भी संयुक्त रूप से कार्य किया जाएगा।
आर्थिक क्षेत्र में दोनों देशों ने वर्ष 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को 7 अरब न्यूजीलैंड डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसे भविष्य में मुक्त व्यापार समझौते (FTA) की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
स्वच्छ ऊर्जा और अनुसंधान के क्षेत्र में भी सहयोग बढ़ेगा। न्यूजीलैंड ने ग्लोबल बायोफ्यूल्स एलायंस से जुड़ने की घोषणा की है, जबकि समुद्री विज्ञान, अंटार्कटिका अनुसंधान, खाद्य प्रौद्योगिकी और उच्च शिक्षा के क्षेत्र में भी नई साझेदारियां स्थापित की जाएंगी। इसके अलावा, न्यूजीलैंड ने भारत की इंडो-पैसिफिक ओशन्स इनिशिएटिव (IPOI) में शामिल होकर क्षेत्रीय समुद्री सुरक्षा और अवैध गतिविधियों पर रोक लगाने के प्रयासों में भागीदारी बढ़ाने का निर्णय लिया है।
इन समझौतों को भारत और न्यूजीलैंड के बीच भरोसे, सहयोग और दीर्घकालिक रणनीतिक संबंधों को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। इससे न केवल दोनों देशों के आर्थिक और सुरक्षा संबंधों को नई मजबूती मिलेगी, बल्कि इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में सहयोग और स्थिरता को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
Published at : 11 Jul 2026, 10:29 am (IST)
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