हैदराबाद साइबर क्राइम पुलिस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से जुड़े कथित मॉर्फ्ड और आपत्तिजनक कंटेंट के मामले में Meta India के हेड और कई Facebook-Instagram अकाउंट्स के खिलाफ केस दर्ज किया है। IT Act और BNS की विभिन्न धाराओं में जांच जारी है।
By : Admin User | Updated at : 31 Jul 2026, 11:44 am (IST)
हैदराबाद: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से जुड़े कथित मॉर्फ्ड और आपत्तिजनक कंटेंट को लेकर हैदराबाद साइबर क्राइम पुलिस ने बड़ा कदम उठाया है। पुलिस ने Meta India के हेड और Facebook तथा Instagram के कई अकाउंट्स के खिलाफ दो अलग-अलग मामले दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आरोप है कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर प्रधानमंत्री से जुड़े कथित मॉर्फ्ड वीडियो और तस्वीरों को प्रसारित होने दिया गया।
पहली शिकायत में क्या कहा गया?
पहला मामला 29 वर्षीय कारोबारी एस. अरविंद रेड्डी की शिकायत पर दर्ज किया गया। शिकायत के अनुसार, Instagram ब्राउज़ करते समय उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से जुड़े कई कथित मॉर्फ्ड और डिजिटल रूप से बदले गए वीडियो व तस्वीरें दिखाई दीं। उनका आरोप है कि इन पोस्ट में प्रधानमंत्री को आपत्तिजनक और भ्रामक तरीके से प्रस्तुत किया गया था। शिकायत में यह भी कहा गया कि कुछ विजुअल्स में केंद्रीय नेता धर्मेंद्र प्रधान और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से जुड़े एडिटेड कंटेंट भी शामिल थे। शिकायतकर्ता का दावा है कि यह सामग्री डिजिटल एडिटिंग या आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से तैयार की गई हो सकती है।
दूसरी शिकायत में क्या आरोप लगाए गए?
दूसरा मामला तेलंगाना भाजपा के कार्यकर्ता और सोशल मीडिया CC सदस्य टी. साईकिरण गौड़ की शिकायत पर दर्ज किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि Facebook और Instagram पर कई ऐसे अकाउंट सक्रिय हैं जो कथित तौर पर आपत्तिजनक रील्स और मॉर्फ्ड तस्वीरें साझा कर रहे हैं। शिकायत में इन अकाउंट्स की जांच की मांग करते हुए कहा गया कि इस तरह का कंटेंट देश की संप्रभुता, अखंडता और सार्वजनिक व्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकता है।
किन धाराओं में दर्ज हुआ मामला?
पुलिस के अनुसार, शुरुआती जांच में कई कथित आपत्तिजनक पोस्ट या तो हटाए जा चुके हैं या भारत में उनकी पहुंच सीमित कर दी गई है। मामले में सूचना प्रौद्योगिकी (IT) अधिनियम की धारा 66C और 67 के साथ-साथ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 353(2) और 336(4) के तहत केस दर्ज किया गया है। फिलहाल साइबर क्राइम पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि कथित कंटेंट किसने तैयार किया, किसने उसे प्रसारित किया और इसमें किसी अन्य व्यक्ति या समूह की भूमिका रही या नहीं।
Published at : 31 Jul 2026, 11:44 am (IST)