सूत्रों के मुताबिक, सरकार ऐसा प्रस्ताव लाने पर विचार कर रही है जिसके तहत प्रदेश के मदरसों में केवल 12वीं तक की पढ़ाई की अनुमति होगी, जबकि डिग्री स्तर के पाठ्यक्रम बंद किए जा सकते हैं।
By : Admin User | Updated at : 04 Aug 2026, 12:43 pm (IST)
उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य का मदरसों को लेकर दिया गया बयान राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है। उन्होंने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि "मदरसा चाहे बांग्लादेश का हो, पाकिस्तान का हो या भारत का, मदरसे अघोषित रूप से आतंकवाद को पैदा करते हैं।" उनके इस बयान के बाद प्रदेश की राजनीति में सियासी हलचल तेज हो गई है।
मौर्य का यह बयान ऐसे समय आया है जब उत्तर प्रदेश में अगले वर्ष विधानसभा चुनाव होने हैं। ऐसे में उनके बयान को राजनीतिक दृष्टि से भी अहम माना जा रहा है। माना जा रहा है कि इस मुद्दे पर विपक्ष सरकार और भाजपा को घेरने की कोशिश कर सकता है।
जानकारी के अनुसार, राज्य सरकार मदरसा शिक्षा व्यवस्था में बदलाव की तैयारी कर रही है। सूत्रों के मुताबिक, सरकार ऐसा प्रस्ताव लाने पर विचार कर रही है जिसके तहत प्रदेश के मदरसों में केवल 12वीं तक की पढ़ाई की अनुमति होगी, जबकि डिग्री स्तर के पाठ्यक्रम बंद किए जा सकते हैं। इस प्रस्ताव पर कैबिनेट की बैठक में औपचारिक फैसला लिए जाने की भी संभावना जताई जा रही है।
इधर, उत्तर प्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र भी शुरू हो रहा है, जो 6 अगस्त तक चलेगा। ऐसे में माना जा रहा है कि केशव प्रसाद मौर्य के बयान और मदरसा शिक्षा से जुड़े प्रस्ताव को लेकर सदन के भीतर और बाहर तीखी राजनीतिक बहस देखने को मिल सकती है। विपक्ष की प्रतिक्रिया और सरकार के अगले कदम पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।
Published at : 04 Aug 2026, 12:41 pm (IST)
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