दिल्ली सरकार ने ₹400 करोड़ की नई स्टार्टअप एंड इन्क्यूबेशन पॉलिसी को मंजूरी दी है। जानिए इस नीति से स्टार्टअप, युवाओं और निवेशकों को क्या-क्या फायदे मिलेंगे।
By : Admin User | Updated at : 17 Jul 2026, 02:10 pm (IST)
नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में अपना स्टार्टअप शुरू करने का सपना देखने वाले युवाओं के लिए बड़ी खुशखबरी है। दिल्ली सरकार ने 'दिल्ली स्टार्टअप एंड इन्क्यूबेशन पॉलिसी' को मंजूरी दे दी है। इस नई नीति के तहत 400 करोड़ रुपये से अधिक का प्रावधान किया गया है, जिसका उद्देश्य स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूत करना और युवाओं को उद्यमिता के लिए बेहतर माहौल उपलब्ध कराना है।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि सरकार का लक्ष्य दिल्ली को देश का प्रमुख स्टार्टअप और इनोवेशन हब बनाना है। नई नीति के जरिए शिक्षा, शोध और उद्योग के बीच बेहतर तालमेल स्थापित किया जाएगा, ताकि युवाओं को अपने नए बिजनेस आइडिया को सफल स्टार्टअप में बदलने के लिए आवश्यक मार्गदर्शन, संसाधन और संस्थागत सहयोग मिल सके।
सरकार का मानना है कि यह नीति युवाओं को केवल नौकरी तलाशने वाला नहीं, बल्कि रोजगार देने वाला उद्यमी बनने के लिए प्रेरित करेगी। मजबूत स्टार्टअप इकोसिस्टम से निवेश बढ़ेगा, नए उद्योग स्थापित होंगे और रोजगार के हजारों नए अवसर पैदा होंगे।
नई नीति के तहत विश्वविद्यालयों और शैक्षणिक संस्थानों को उद्योगों से जोड़ने पर विशेष जोर दिया जाएगा। छात्रों को पढ़ाई के दौरान ही इनोवेशन, रिसर्च और उद्यमिता से जुड़ने का अवसर मिलेगा। कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में बिजनेस इन्क्यूबेटर स्थापित किए जाएंगे, जिससे छात्र अपने नए विचारों को व्यावसायिक रूप दे सकें।
मुख्यमंत्री ने छात्रों के लिए एक और बड़ी घोषणा करते हुए बताया कि 16 अगस्त से दिल्ली विश्वविद्यालय परिसर में अटल कैंटीन शुरू की जाएगी। यहां विद्यार्थियों को सिर्फ 5 रुपये में पौष्टिक और भरपेट भोजन उपलब्ध कराया जाएगा। साथ ही, छात्रों की सुविधा के लिए 'यू स्पेशल' बसों के रूट बढ़ाने और बेहतर हॉस्टल सुविधाएं विकसित करने की भी योजना है।
सरकार का कहना है कि नई स्टार्टअप नीति और शिक्षा से जुड़ी ये पहलें दिल्ली को देश के अग्रणी शिक्षा, शोध, नवाचार और उद्यमिता केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होंगी।
Published at : 17 Jul 2026, 02:10 pm (IST)