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होम / राष्ट्रीय / आसाराम की जमानत पर सुप्रीम कोर्ट सख्त…कहा- कोई अनहोनी नहीं चाहते, पहले मेडिकल रिपोर्ट लाएं अगली सुनवाई 21 जुलाई को होगी।
आसाराम की जमानत पर सुप्रीम कोर्ट सख्त…कहा- कोई अनहोनी नहीं चाहते, पहले मेडिकल रिपोर्ट लाएं अगली सुनवाई 21 जुलाई को होगी।
स्वास्थ्य आधार पर जमानत मांग रहे आसाराम की याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से मेडिकल रिपोर्ट मांगी। अदालत ने कहा कि सही स्वास्थ्य स्थिति स्पष्ट होनी चाहिए

दुष्कर्म मामले में सजा काट रहे आसाराम की जमानत याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से मेडिकल रिपोर्ट तलब की। कोर्ट ने कहा कि कोई अनहोनी न हो, इसलिए स्वास्थ्य की सही जानकारी जरूरी है।

आसाराम की जमानत पर सुप्रीम कोर्ट सख्त…कहा-कोई अनहोनी नहीं चाहते, पहले मेडिकल रिपोर्ट लाएं अगली सुनवाई 21 जुलाई को होगी।

By : Admin User | Updated at : 17 Jul 2026, 05:45 pm (IST)

नई दिल्ली: नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में दोषी ठहराए गए आसाराम की स्वास्थ्य आधार पर दायर जमानत याचिका पर शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान अदालत ने केंद्र सरकार से उनकी स्वास्थ्य संबंधी विस्तृत रिपोर्ट पेश करने को कहा और स्पष्ट किया कि किसी भी निर्णय से पहले उनकी वास्तविक मेडिकल स्थिति जानना जरूरी है। मामले की अगली सुनवाई 21 जुलाई को होगी।

जस्टिस एम.एम. सुंदरेश की अध्यक्षता वाली पीठ ने सॉलिसिटर जनरल से आसाराम की स्वास्थ्य स्थिति पर स्पष्ट निर्देश लेकर अदालत को अवगत कराने को कहा। अदालत ने टिप्पणी करते हुए कहा कि यदि उनकी हालत गंभीर है, तो न्यायालय नहीं चाहता कि भविष्य में किसी अप्रिय घटना के लिए अदालत या सरकार को जिम्मेदार ठहराया जाए।

सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल ने अदालत को बताया कि आसाराम को पेट से जुड़ी एक समस्या है, जिसके कारण हल्का रक्तस्राव हो रहा है। उन्होंने कहा कि फिलहाल यह समस्या अस्थायी प्रतीत होती है और जीवनशैली में कुछ बदलाव से इसमें सुधार संभव है।

इस पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि यदि सरकार का पक्ष यह है कि जमानत की आवश्यकता नहीं है, तो अदालत उस पर विचार करेगी। हालांकि अदालत ने यह भी कहा कि यदि स्वास्थ्य की स्थिति गंभीर है, तो उसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। पीठ ने दोहराया कि वह किसी भी तरह की अनहोनी नहीं चाहती।

आसाराम की ओर से पेश वरिष्ठ वकील ने अदालत में कहा कि उनके मुवक्किल की हालत बेहद गंभीर है और उन्हें हाई-रिस्क मरीज घोषित किया गया है। उन्होंने बताया कि 8 जुलाई को इंटरनल ब्लीडिंग होने के बाद उन्हें एम्स, जोधपुर में भर्ती कराया गया था, जहां इलाज के दौरान उन्हें रक्त भी चढ़ाना पड़ा।

वहीं, सॉलिसिटर जनरल ने अदालत को बताया कि करीब तीन महीने पहले आसाराम अयोध्या और काशी विश्वनाथ की यात्रा के दौरान बिना किसी सहारे पैदल चले थे। इससे संकेत मिलता है कि उनकी स्थिति उतनी गंभीर नहीं है, जितनी बताई जा रही है।

गौरतलब है कि इससे पहले भी सुप्रीम कोर्ट स्वास्थ्य कारणों के आधार पर आसाराम को अंतरिम जमानत दे चुका है। इलाज पूरा होने के बाद उन्हें दोबारा जेल भेज दिया गया था। अब उनकी नियमित जमानत याचिका पर फैसला मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर लिया जाएगा।