NPCI के अनुसार जून 2026 में UPI ट्रांजैक्शन की कुल वैल्यू 28.9 लाख करोड़ रुपये रही। मई के रिकॉर्ड से मामूली गिरावट के बावजूद सालाना 20% की वृद्धि और रोजाना 75.7 करोड़ ट्रांजैक्शन का नया रिकॉर्ड बना।
By : Admin User | Updated at : 17 Jul 2026, 02:39 pm (IST)
नई दिल्ली: भारत में डिजिटल भुगतान का सबसे बड़ा माध्यम बन चुका यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) जून 2026 में भी मजबूत प्रदर्शन करता रहा, हालांकि मई में बने रिकॉर्ड के मुकाबले इसकी रफ्तार में हल्की कमी देखने को मिली। नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) के ताजा आंकड़ों के अनुसार, जून में UPI के जरिए 22.72 अरब ट्रांजैक्शन किए गए, जिनकी कुल वैल्यू 28.9 लाख करोड़ रुपये रही।
मई 2026 में UPI ने रिकॉर्ड बनाते हुए 29.9 लाख करोड़ रुपये की ट्रांजैक्शन वैल्यू दर्ज की थी। वहीं ट्रांजैक्शन की संख्या 23.2 अरब थी, जो जून में घटकर 22.72 अरब रह गई। हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि यह मासिक स्तर पर सामान्य उतार-चढ़ाव है और इससे डिजिटल भुगतान की रफ्तार पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ता।
दिलचस्प बात यह है कि जून में रोजाना औसतन 75.7 करोड़ UPI ट्रांजैक्शन दर्ज किए गए, जो अब तक का सबसे बड़ा दैनिक औसत है। इससे साफ संकेत मिलता है कि छोटे-बड़े सभी तरह के भुगतान के लिए लोग तेजी से UPI को अपनी पहली पसंद बना रहे हैं।
सालाना आधार पर देखें तो UPI की ग्रोथ लगातार मजबूत बनी हुई है। जून 2025 में जहां 18.3 अरब ट्रांजैक्शन हुए थे, वहीं जून 2026 में यह आंकड़ा बढ़कर 22.72 अरब पहुंच गया। इसी अवधि में कुल ट्रांजैक्शन वैल्यू में भी करीब 5 लाख करोड़ रुपये का इजाफा हुआ, जो भारत में डिजिटल भुगतान के बढ़ते भरोसे को दर्शाता है।
UPI की लोकप्रियता अब भारत की सीमाओं से भी आगे बढ़ चुकी है। यह सेवा यूएई, सिंगापुर, भूटान, नेपाल, श्रीलंका, फ्रांस, मॉरीशस और कतर सहित कई देशों में उपलब्ध है। इससे विदेश यात्रा करने वाले भारतीयों को भी आसान और सुरक्षित डिजिटल भुगतान की सुविधा मिल रही है।
हालांकि जून में मासिक ट्रांजैक्शन वैल्यू में मामूली गिरावट दर्ज की गई है, लेकिन बढ़ता दैनिक उपयोग और सालाना मजबूत वृद्धि यह संकेत देती है कि UPI आने वाले वर्षों में भी भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था की सबसे मजबूत नींव बना रहेगा।
Published at : 17 Jul 2026, 01:47 pm (IST)
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