BREAKING NEWS

ईरान समर्थित इराकी संगठन की धमकी से बढ़ा तनाव

कोई अनहोनी नहीं चाहते, पहले मेडिकल रिपोर्ट लाएं अगली सुनवाई 21 जुलाई को होगी।

पर सख्त हुआ सुप्रीम कोर्ट, केंद्र और DCGI को जारी किया नोटिस

Instamart और HPCL की नई सर्विस लॉन्च, जानिए कैसे करें ऑर्डर

₹400 करोड़ की नई Startup Policy को मंजूरी, युवाओं को मिलेगा बड़ा फायदा

जून में ट्रांजैक्शन वैल्यू घटी, फिर भी डिजिटल पेमेंट ने बनाया नया रिकॉर्ड

ओडिशा से पुणे जा रही लॉरी से 237 किलो बरामद; 2 तस्कर गिरफ्तार

सतीश गोलचा हटे, अनुराग कुमार बने नए पुलिस कमिश्नर

संसद में मोदी सरकार का बड़ा विधायी एजेंडा, 5 नए बिल समेत 7 अहम प्रस्तावों पर रहेगी नजर

हाइड्रोजन हाइड्रोजन ट्रेन तैयार, जानिए बिना धुएं और बिना तार के कैसे दौड़ती है यह ट्रेन, प्रधानमंत्री दिखाएंगे हरी झंडी

में BIMSTEC सुरक्षा बैठक, NSA अजीत डोभाल बोले- साझा चुनौतियों से मिलकर निपटना होगा

के दूसरी कक्षा के एक छात्र को कथित तौर पर कलमा और सूरह अल-फातिहा याद करने का होमवर्क दिए जाने के बाद विवाद खड़ा हो गया।

में निकली भगवान जगन्नाथ की 149वीं रथयात्रा, PM मोदी ने निभाई वर्षों पुरानी परंपरा

में भारतीय नाविकों की सुरक्षा के लिए केंद्र का बड़ा कदम, लागू हुआ 'Seafarer First' प्लान

सुप्रीम कोर्ट में हंगामे के बाद पुलिस को मिली बड़ी जानकारी

व्हिस्की, लग्जरी कारें और ब्रांडेड सामान होंगे सस्ते, कारोबार को मिलेगा बड़ा बूस्ट

मुजफ्फराबाद मार्च से सहमी शहबाज सरकार, सुरक्षा बलों की कार्रवाई पर उठे सवाल

24 दिन के प्रदर्शन के बीच बिगड़ी तबीयत, विपक्षी नेताओं ने की अपील

में भारतीय नाविक की मौत पर भारत सख्त, ईरानी दूतावास तलब,खाड़ी क्षेत्र में बढ़ा तनाव

एस जयशंकर ने शुरू किया 2028-29 अस्थायी सदस्यता अभियान

BREAKING NEWS

ईरान समर्थित इराकी संगठन की धमकी से बढ़ा तनाव

कोई अनहोनी नहीं चाहते, पहले मेडिकल रिपोर्ट लाएं अगली सुनवाई 21 जुलाई को होगी।

पर सख्त हुआ सुप्रीम कोर्ट, केंद्र और DCGI को जारी किया नोटिस

Instamart और HPCL की नई सर्विस लॉन्च, जानिए कैसे करें ऑर्डर

₹400 करोड़ की नई Startup Policy को मंजूरी, युवाओं को मिलेगा बड़ा फायदा

जून में ट्रांजैक्शन वैल्यू घटी, फिर भी डिजिटल पेमेंट ने बनाया नया रिकॉर्ड

ओडिशा से पुणे जा रही लॉरी से 237 किलो बरामद; 2 तस्कर गिरफ्तार

सतीश गोलचा हटे, अनुराग कुमार बने नए पुलिस कमिश्नर

संसद में मोदी सरकार का बड़ा विधायी एजेंडा, 5 नए बिल समेत 7 अहम प्रस्तावों पर रहेगी नजर

हाइड्रोजन हाइड्रोजन ट्रेन तैयार, जानिए बिना धुएं और बिना तार के कैसे दौड़ती है यह ट्रेन, प्रधानमंत्री दिखाएंगे हरी झंडी

में BIMSTEC सुरक्षा बैठक, NSA अजीत डोभाल बोले- साझा चुनौतियों से मिलकर निपटना होगा

के दूसरी कक्षा के एक छात्र को कथित तौर पर कलमा और सूरह अल-फातिहा याद करने का होमवर्क दिए जाने के बाद विवाद खड़ा हो गया।

में निकली भगवान जगन्नाथ की 149वीं रथयात्रा, PM मोदी ने निभाई वर्षों पुरानी परंपरा

में भारतीय नाविकों की सुरक्षा के लिए केंद्र का बड़ा कदम, लागू हुआ 'Seafarer First' प्लान

सुप्रीम कोर्ट में हंगामे के बाद पुलिस को मिली बड़ी जानकारी

व्हिस्की, लग्जरी कारें और ब्रांडेड सामान होंगे सस्ते, कारोबार को मिलेगा बड़ा बूस्ट

मुजफ्फराबाद मार्च से सहमी शहबाज सरकार, सुरक्षा बलों की कार्रवाई पर उठे सवाल

24 दिन के प्रदर्शन के बीच बिगड़ी तबीयत, विपक्षी नेताओं ने की अपील

में भारतीय नाविक की मौत पर भारत सख्त, ईरानी दूतावास तलब,खाड़ी क्षेत्र में बढ़ा तनाव

एस जयशंकर ने शुरू किया 2028-29 अस्थायी सदस्यता अभियान

होम / राष्ट्रीय / जीवन रक्षक दवाओं की महंगी कीमतों… पर सख्त हुआ सुप्रीम कोर्ट, केंद्र और DCGI को जारी किया नोटिस
जीवन रक्षक दवाओं की महंगी कीमतों… पर सख्त हुआ सुप्रीम कोर्ट, केंद्र और DCGI को जारी किया नोटिस
कोर्ट अब मरीजों के इलाज और जीवन के अधिकार से जुड़े मामलों पर देशव्यापी दिशा-निर्देश भी दे सकता है।

सुप्रीम कोर्ट ने जीवन रक्षक दवाओं तक लोगों की पहुंच सुनिश्चित करने के मामले में स्वतः संज्ञान लिया है। केंद्र सरकार और DCGI को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है।

जीवन रक्षक दवाओं की महंगी कीमतों…पर सख्त हुआ सुप्रीम कोर्ट, केंद्र और DCGI को जारी किया नोटिस

By : Admin User | Updated at : 17 Jul 2026, 05:09 pm (IST)

नई दिल्ली: जीवन रक्षक दवाओं की बढ़ती कीमतों और आम मरीजों की पहुंच सुनिश्चित करने के मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट ने स्वतः संज्ञान लेते हुए केंद्र सरकार और ड्रग्स कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (DCGI) को नोटिस जारी किया है। अदालत ने इस मामले में जवाब तलब करते हुए संकेत दिया है कि वह संविधान के अनुच्छेद-21 से जुड़े मामलों की त्वरित सुनवाई सुनिश्चित करने के लिए देशभर में लागू होने वाले दिशा-निर्देश जारी कर सकती है।

यह मामला केरल की एक ब्रेस्ट कैंसर पीड़ित महिला की याचिका से जुड़ा है। एर्नाकुलम निवासी महिला ने वर्ष 2022 में केरल हाई कोर्ट में याचिका दाखिल कर बताया था कि रिबोसिक्लिब (Ribociclib) और एबेमासिक्लिब (Abemaciclib) जैसी जीवन रक्षक दवाओं पर हर महीने करीब 1.5 लाख रुपये खर्च होते हैं, जिन्हें अधिकांश मरीज वहन नहीं कर सकते। याचिका लंबित रहने के दौरान 2022 के अंत में महिला का निधन हो गया।

महिला की मृत्यु के बाद भी केरल हाई कोर्ट ने इस मुद्दे को सार्वजनिक महत्व का मानते हुए स्वतः संज्ञान लिया और मामले की सुनवाई जारी रखी। हालांकि जनवरी 2023 से अब तक यह मामला 57 बार सूचीबद्ध होने के बावजूद किसी ठोस निष्कर्ष तक नहीं पहुंच सका।

इसी देरी को गंभीर मानते हुए सुप्रीम कोर्ट ने मामले को अपने स्तर पर सुनने का फैसला किया है। मुख्य न्यायाधीश सूर्य कांत की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ ने केरल हाई कोर्ट से भी अनुरोध किया है कि वह लंबित मामले की जल्द सुनवाई कर आदेश पारित करे।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि यदि जीवन रक्षक इलाज से जुड़ी याचिकाओं का फैसला याचिकाकर्ता के जीवनकाल में नहीं हो पाता, तो यह न्याय व्यवस्था के लिए चिंता का विषय है। अदालत अब इस बात पर भी विचार करेगी कि जीवन के अधिकार (अनुच्छेद-21) से जुड़े मामलों की सुनवाई समयबद्ध तरीके से सुनिश्चित करने के लिए क्या देशव्यापी दिशा-निर्देश जारी किए जाएं।