उज्जैन स्थित विश्व प्रसिद्ध महाकालेश्वर मंदिर की कुल संपत्ति पहली बार सार्वजनिक की गई है। मंदिर समिति के अनुसार,वर्ष 2025 में करीब 6 करोड़ श्रद्धालुओं ने बाबा महाकाल के दर्शन किए, जिससे मंदिर को 107 करोड़ रुपए का नकद दान प्राप्त हुआ।
By : Admin User | Updated at : 12 Jul 2026, 05:45 pm (IST)
धार्मिक नगरी उज्जैन में स्थित विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर की कुल वित्तीय और स्थायी संपत्तियों का पहली बार आधिकारिक खुलासा किया गया है। अब तक मंदिर समिति केवल श्रद्धालुओं से प्राप्त दान का विवरण साझा करती थी, लेकिन इस बार मंदिर की एफडी, जमीन, नकद राशि और बहुमूल्य धातुओं की जानकारी भी सार्वजनिक की गई है।
मंदिर प्रशासक प्रथम कौशिक के अनुसार, महाकालेश्वर मंदिर समिति के पास वर्तमान में करीब 472 करोड़ रुपए की फिक्स्ड डिपॉजिट (एफडी) है, जो यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया और बैंक ऑफ इंडिया में जमा है। इसके अलावा, मंदिर के विभिन्न बैंक खातों में करीब 16 करोड़ रुपए की नकद राशि भी मौजूद है। मंदिर समिति के पास लगभग 90 एकड़ बेशकीमती जमीन भी है, जिसकी बाजार कीमत काफी अधिक मानी जा रही है।
श्रद्धालुओं की लगातार बढ़ती संख्या के चलते मंदिर का खर्च भी तेजी से बढ़ा है। पहले मंदिर का मासिक खर्च लगभग 2.5 करोड़ रुपए था, जो अब बढ़कर 11 करोड़ रुपए से अधिक हो गया है। वहीं, मंदिर का वार्षिक खर्च भी बढ़कर करीब 135 करोड़ रुपए तक पहुंच चुका है।
वर्ष 2025 में लगभग 6 करोड़ श्रद्धालुओं ने बाबा महाकाल के दर्शन किए। इस दौरान मंदिर को कुल 107 करोड़ रुपए का नकद दान प्राप्त हुआ, जिसमें 43 करोड़ रुपए दान पेटी से और 64 करोड़ रुपए शीघ्र दर्शन टिकट एवं अन्य रसीदों के माध्यम से मिले।
श्रद्धालुओं ने नकद दान के अलावा बड़ी मात्रा में सोना और चांदी भी अर्पित की। वर्ष 2025 में मंदिर को 592.36 किलोग्राम चांदी प्राप्त हुई, जो वर्ष 2024 की तुलना में 193 किलोग्राम अधिक है। इसके साथ ही 1.48 किलोग्राम सोना भी चढ़ावे के रूप में मिला।
मंदिर समिति के अनुसार, महाकाल मंदिर के पास पहले से भी पर्याप्त मात्रा में सोना-चांदी सुरक्षित रखा हुआ है। हालांकि, इन बहुमूल्य धातुओं के कुल वजन और अनुमानित कीमत का विस्तृत आकलन अभी जारी है। मंदिर की संपत्तियों के इस खुलासे से महाकालेश्वर मंदिर देश के सबसे समृद्ध धार्मिक संस्थानों में शामिल होने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उदाहरण बनकर सामने आया है।
Published at : 12 Jul 2026, 05:44 pm (IST)