अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। अमेरिका की नई एयरस्ट्राइक के बाद ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट को अस्थायी रूप से बंद करने का ऐलान किया है। वहीं IRGC ने अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने का दावा करते हुए चेतावनी दी है कि यदि हमले जारी रहे तो जवाब और भी अधिक सख्त होगा।
By : Admin User | Updated at : 12 Jul 2026, 09:41 am (IST)
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता सैन्य तनाव अब गंभीर टकराव का रूप लेता दिखाई दे रहा है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने पुष्टि की है कि इस सप्ताह ईरान पर तीसरे दौर की सैन्य कार्रवाई की गई है। इसके जवाब में ईरान ने रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज स्ट्रेट को अस्थायी रूप से बंद करने की घोषणा की है, जिससे वैश्विक तेल आपूर्ति और समुद्री व्यापार पर असर पड़ने की आशंका बढ़ गई है।
ईरानी मीडिया के अनुसार, बंदर अब्बास, सिरिक, चाबहार, बंदर-ए-देयर और असालुयेह सहित कई तटीय क्षेत्रों में जोरदार धमाकों की आवाजें सुनी गईं। इन घटनाओं के बाद पूरे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। इसी बीच ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला मोजतबा खामेनेई ने अपने पिता अली खामेनेई की मौत का बदला लेने के संकल्प को दोहराया है, जिससे क्षेत्रीय तनाव और बढ़ गया है।
ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया है कि उसने होर्मुज स्ट्रेट में एक ऐसे जहाज की आवाजाही रोक दी, जिस पर समुद्री नियमों के उल्लंघन का आरोप था। हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। IRGC ने यह भी कहा कि यदि अमेरिका और इजरायल की सैन्य कार्रवाई जारी रही तो ईरान का जवाब पहले से कहीं अधिक विनाशकारी होगा।
इसके अलावा IRGC ने दावा किया कि उसने जॉर्डन स्थित अमेरिकी प्रिंस हसन एयरबेस पर बैलिस्टिक मिसाइलों से हमला किया, जिसमें कमांड एंड कंट्रोल सेंटर और MQ-9 ड्रोन हैंगर को भारी नुकसान पहुंचा। हालांकि, इस दावे की भी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
IRGC का आरोप है कि अमेरिका ने ओमान पर दबाव बनाकर होर्मुज स्ट्रेट के दक्षिण में एक वैकल्पिक समुद्री मार्ग बनाने की कोशिश की, जिसे ईरानी नौसेना ने विफल कर दिया। इसके बाद अमेरिका द्वारा दक्षिणी ईरान में किए गए हवाई हमलों के जवाब में ईरान ने अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने का दावा किया है।
विश्लेषकों का मानना है कि यदि दोनों देशों के बीच सैन्य कार्रवाई इसी तरह जारी रही तो इसका असर केवल पश्चिम एशिया तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि वैश्विक ऊर्जा बाजार, अंतरराष्ट्रीय व्यापार और क्षेत्रीय सुरक्षा पर भी गंभीर प्रभाव पड़ सकता है। फिलहाल दुनिया की नजर अमेरिका और ईरान के अगले कदम पर टिकी हुई है।
Published at : 12 Jul 2026, 09:41 am (IST)
Tags : #AmericaIranCeasefire #USIranTalks #IranNews #TrumpNews #MiddleEastTension #HormuzStrait #CeasefireNews #IsraelIranConflict #WorldNews #BreakingNews #Geopolitics #IranCeasefire #USIranConflict #April10Talks / #Iran #AirspaceOpen #StraitOfHormuz #MiddleEastCrisis #GlobalTrade #AviationNews #BreakingNews / #HormuzStrait #DroneAttack #IMO #Seafarers #PersianGulf #Iran #Oman #MaritimeSecurity #GlobalShipping