दिल्ली में संसद के मानसून सत्र के पहले दिन CJP और छात्रों के प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस द्वारा किए गए लाठीचार्ज और आंसू गैस के इस्तेमाल पर विपक्षी दलों ने केंद्र सरकार की कड़ी आलोचना की। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव, कांग्रेस सांसद शशि थरूर, आम आदमी पार्टी के नेता अरविंद केजरीवाल और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों पर हमला बताया।
By : Admin User | Updated at : 20 Jul 2026, 05:29 pm (IST)
संसद के मानसून सत्र के पहले दिन दिल्ली के जंतर-मंतर से संसद तक निकाले गए CJP और छात्रों के मार्च के दौरान दिल्ली पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तनाव देखने को मिला। प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज और आंसू गैस का इस्तेमाल किया। इस कार्रवाई के बाद विपक्षी दलों ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का दमन बताया।
अखिलेश यादव बोले- 'ये सरकार नहीं, अहंकार है'
समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने पुलिस कार्रवाई की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि सरकार छात्रों की आवाज सुनने के बजाय उन पर बल प्रयोग कर रही है।
उन्होंने कहा,
"हमारे सांसदों को पुलिस स्टेशन में रखा गया है, जबकि बाहर बच्चों को पीटा जा रहा है। यह सरकार नहीं, अहंकार है।"
अखिलेश ने कथित NEET अनियमितताओं का जिक्र करते हुए संबंधित मंत्रियों की जिम्मेदारी तय करने और इस्तीफे की मांग भी की।
शशि थरूर ने उठाए सवाल
कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने कहा कि यदि प्रदर्शन शांतिपूर्ण था तो लाठीचार्ज का कोई औचित्य नहीं बनता। उन्होंने इसे हिंसक कार्रवाई बताते हुए कहा कि लोकतंत्र में शांतिपूर्ण विरोध का सम्मान होना चाहिए और संसद को केवल औपचारिक मंजूरी देने वाला संस्थान नहीं बनाया जाना चाहिए।
अरविंद केजरीवाल का हमला
आम आदमी पार्टी के नेता अरविंद केजरीवाल ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर छात्रों पर हुई कार्रवाई की आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार शिक्षा व्यवस्था की समस्याओं को दूर करने के बजाय युवाओं पर बल प्रयोग कर रही है और कहा कि देश का युवा इस रवैये को स्वीकार नहीं करेगा।
खड़गे बोले- लोकतंत्र पर हमला
राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी पुलिस कार्रवाई की आलोचना करते हुए कहा कि छात्रों पर लाठीचार्ज लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार जनता की आवाज दबाने का प्रयास कर रही है।
दिल्ली में बढ़ाई गई सुरक्षा
प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर, संसद मार्ग और आसपास के इलाकों में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए थे। पुलिस का कहना है कि संसद मार्च की अनुमति नहीं थी और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए गए।
फिलहाल पूरे घटनाक्रम को लेकर राजनीतिक माहौल गर्म है और मानसून सत्र के दौरान इस मुद्दे पर संसद के भीतर भी तीखी बहस होने की संभावना जताई जा रही है।
Published at : 20 Jul 2026, 05:29 pm (IST)