यह वैक्सीन डेंगू के सभी चार प्रकारों से सुरक्षा देने के लिए विकसित की गई है और इसे लगवाने से पहले डेंगू संक्रमण की जांच कराने की आवश्यकता नहीं होगी।
By : Admin User | Updated at : 20 Jul 2026, 04:34 pm (IST)
भारत ने डेंगू से बचाव की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए अपनी पहली डेंगू वैक्सीन QDENGA को मंजूरी दे दी है। ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (DCGI) ने टाकेडा बायोफार्मास्यूटिकल्स इंडिया की इस वैक्सीन को बाजार में उतारने की अनुमति प्रदान कर दी है। यह फैसला देश में बढ़ते डेंगू मामलों को देखते हुए सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
4 से 60 वर्ष के लोगों को लगेगी वैक्सीन
QDENGA वैक्सीन को 4 से 60 वर्ष की आयु के लोगों के लिए मंजूरी दी गई है। इसकी सबसे बड़ी विशेषता यह है कि वैक्सीन लगवाने से पहले यह जांच कराने की आवश्यकता नहीं होगी कि व्यक्ति पहले कभी डेंगू से संक्रमित हुआ है या नहीं। यानी जिन लोगों को पहले डेंगू हो चुका है और जिन्हें नहीं हुआ है, दोनों ही पात्र समूहों को यह वैक्सीन दी जा सकेगी।
43 देशों में पहले से मिल चुकी है मंजूरी
टाकेडा बायोफार्मास्यूटिकल्स के अनुसार, QDENGA को वर्ष 2022 से अब तक 43 देशों में नियामकीय मंजूरी मिल चुकी है। कंपनी का दावा है कि दुनिया भर में इसकी 3.2 करोड़ (32 मिलियन) से अधिक खुराकें वितरित की जा चुकी हैं।
क्लीनिकल ट्रायल में मिले सकारात्मक परिणाम
कंपनी ने बताया कि वैक्सीन को मंजूरी 19 वैश्विक क्लीनिकल ट्रायल के आंकड़ों के आधार पर दी गई है। इन ट्रायल्स के फेज-1, फेज-2 और फेज-3 में 28,000 से अधिक प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। इसके अलावा भारत में आयोजित DEN-302 फेज-3 क्लीनिकल ट्रायल के परिणामों को भी मंजूरी प्रक्रिया में शामिल किया गया।
डेंगू के चारों प्रकारों से सुरक्षा
टाकेडा के अनुसार, सात वर्षों तक किए गए फॉलो-अप अध्ययन में पाया गया कि यह वैक्सीन डेंगू वायरस के सभी चार सीरोटाइप (Serotypes) से होने वाले संक्रमण और डेंगू के कारण अस्पताल में भर्ती होने के जोखिम को लंबे समय तक कम करने में प्रभावी है।
दो डोज में दी जाएगी वैक्सीन
QDENGA वैक्सीन 0.5 मिलीलीटर की दो खुराकों में दी जाएगी। पहली और दूसरी डोज के बीच तीन महीने का अंतराल रखा जाएगा।
विशेषज्ञों ने क्या कहा?
टाकेडा के इंटरकॉन्टिनेंटल मार्केट्स प्रमुख महेंद्र नायक ने कहा कि भारत में इस वैक्सीन को मिली मंजूरी डेंगू की रोकथाम के लिए एक अहम उपलब्धि है। वहीं, दक्षिण-पूर्व एशिया और भारत क्लस्टर के मेडिकल अफेयर्स प्रमुख गोह चू बेंग ने कहा कि वैक्सीन के साथ-साथ मच्छर नियंत्रण, निगरानी, स्वच्छता और जनजागरूकता जैसे उपाय भी डेंगू से बचाव के लिए समान रूप से आवश्यक रहेंगे।
Published at : 20 Jul 2026, 04:28 pm (IST)