घटना के बाद विदेश मंत्रालय ने गहरा दुख व्यक्त करते हुए मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना प्रकट की। मंत्रालय ने कहा कि व्यापारिक जहाजों पर हमला अंतरराष्ट्रीय समुद्री सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा है और ऐसे हमलों की कड़ी निंदा की जानी चाहिए। भारत ने नई दिल्ली में रूसी राजदूत को तलब कर इस घटना पर जवाब मांगा और स्पष्ट किया कि भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।,जानिए पूरा मामला, भारत की प्रतिक्रिया और आगे क्या हो सकता है।
By : Admin User | Updated at : 21 Jul 2026, 08:59 pm (IST)
यूक्रेन के ओडेसा बंदरगाह के पास एक सिविल कार्गो जहाज पर हुए रूसी मिसाइल हमले में चार भारतीय नाविकों की मौत हो गई है, जबकि एक अन्य भारतीय गंभीर रूप से घायल है। इस घटना के बाद भारत सरकार ने कड़ा रुख अपनाते हुए नई दिल्ली में रूसी राजदूत को तलब किया और हमले पर औपचारिक विरोध दर्ज कराया। भारत ने स्पष्ट कहा है कि नागरिक जहाजों और निर्दोष लोगों को निशाना बनाना स्वीकार्य नहीं है।
क्या हुआ था?
19 जुलाई की शाम गिनी-बिसाऊ के झंडे वाला व्यापारी जहाज MV Golden Leo यूक्रेन के ओडेसा बंदरगाह से रवाना हो रहा था। इसी दौरान जहाज पर क्रूज मिसाइल से हमला किया गया। जहाज पर कुल 17 चालक दल के सदस्य मौजूद थे, जिनमें पांच भारतीय नागरिक भी शामिल थे। हमले में चार भारतीय नाविकों की मौत हो गई, जबकि एक भारतीय गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल नाविक का अस्पताल में इलाज जारी है। शुरुआती जानकारी के अनुसार इस हमले में कुल 10 लोगों की जान गई है, जिनमें कुछ सीरियाई नागरिक भी शामिल हैं।
भारत सरकार का सख्त रुख
घटना के बाद विदेश मंत्रालय ने गहरा दुख व्यक्त करते हुए मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना प्रकट की। मंत्रालय ने कहा कि व्यापारिक जहाजों पर हमला अंतरराष्ट्रीय समुद्री सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा है और ऐसे हमलों की कड़ी निंदा की जानी चाहिए। भारत ने नई दिल्ली में रूसी राजदूत को तलब कर इस घटना पर जवाब मांगा और स्पष्ट किया कि भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। यूक्रेन स्थित भारतीय दूतावास भी पूरे मामले पर लगातार नजर बनाए हुए है और प्रभावित परिवारों की सहायता कर रहा है।
केरल सरकार भी हुई सक्रिय
मृतकों में एक नाविक के केरल से होने की जानकारी सामने आने के बाद राज्य सरकार भी हरकत में आ गई। मुख्यमंत्री कार्यालय ने NORKA विभाग को भारतीय विदेश मंत्रालय और रूसी कॉन्सुलेट के साथ लगातार संपर्क बनाए रखने के निर्देश दिए हैं ताकि पीड़ित परिवार को हर संभव सहायता मिल सके।
यूक्रेन ने भी जताई नाराजगी
यूक्रेन के विदेश मंत्री एंड्री सिबीहा ने इस हमले की कड़ी आलोचना करते हुए आरोप लगाया कि रूस लगातार नागरिक जहाजों और वैश्विक खाद्य आपूर्ति को निशाना बना रहा है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठन (IMO) से यूक्रेन के बंदरगाहों पर निगरानी मिशन तैनात करने की मांग भी की है।
बढ़ सकता है कूटनीतिक दबाव
इस घटना के बाद भारत और रूस के बीच कूटनीतिक स्तर पर बातचीत तेज होने की संभावना है। भारत ने हमेशा युद्ध के बजाय शांति और संवाद का समर्थन किया है, लेकिन अपने नागरिकों की मौत के मामले में सरकार का सख्त रुख यह संकेत देता है कि इस मुद्दे को गंभीरता से उठाया जाएगा। फिलहाल घायल भारतीय नाविक का इलाज जारी है, जबकि विदेश मंत्रालय मृतकों के पार्थिव शरीर भारत लाने और उनके परिवारों तक हर जरूरी सहायता पहुंचाने के लिए संबंधित एजेंसियों के साथ समन्वय कर रहा है।
Published at : 21 Jul 2026, 04:57 pm (IST)
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