नितिन गडकरी की फर्जी तस्वीरें और वीडियो तैयार कर उन्हें E20 ईंधन विवाद से जोड़कर प्रसारित किया। इनमें एक इंस्टाग्राम रील भी शामिल थी, जिसे अदालत के समक्ष प्रस्तुत किया गया।
By : Admin User | Updated at : 05 Aug 2026, 01:55 pm (IST)
बॉम्बे हाई कोर्ट ने केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी को अंतरिम राहत देते हुए सोशल मीडिया पर प्रसारित कथित डीपफेक वीडियो और AI से तैयार की गई तस्वीरों को हटाने का आदेश जारी किया है। यह सामग्री E20 ईंधन विवाद से जुड़ी बताई जा रही थी।
जस्टिस अरिफ डॉक्टर की पीठ ने गडकरी की ओर से पेश दलीलों पर सुनवाई के बाद कहा कि प्रथम दृष्टया यह सामग्री आपत्तिजनक और सार्वजनिक मंचों के लिए अनुचित प्रतीत होती है। अदालत ने निर्देश दिया कि संबंधित कंटेंट को तत्काल हटाया जाए।
याचिका में कहा गया था कि सोशल मीडिया पर कुछ अकाउंट्स ने डीपफेक तकनीक और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) की मदद से नितिन गडकरी की फर्जी तस्वीरें और वीडियो तैयार कर उन्हें E20 ईंधन विवाद से जोड़कर प्रसारित किया। इनमें एक इंस्टाग्राम रील भी शामिल थी, जिसे अदालत के समक्ष प्रस्तुत किया गया।
सुनवाई के दौरान अदालत ने टिप्पणी की कि इस प्रकार की सामग्री सार्वजनिक प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध रहना उचित नहीं है, क्योंकि इसे सभी आयु वर्ग के लोग देख सकते हैं। अदालत ने माना कि याचिकाकर्ता ने अंतरिम राहत के लिए पर्याप्त आधार प्रस्तुत किया है।
मामले की सुनवाई के दौरान मेटा और गूगल की ओर से भी अदालत में पक्ष रखा गया। दोनों कंपनियों ने अदालत को आश्वासन दिया कि याचिका में सूचीबद्ध आपत्तिजनक सामग्री को हटाने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। अदालत ने इस आश्वासन को रिकॉर्ड पर लेते हुए मामले की अगली सुनवाई चार सप्ताह बाद निर्धारित की है.
Published at : 05 Aug 2026, 01:55 pm (IST)