भारत के विदेश मंत्रालय ने भी इस घटना पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि 4 अगस्त 2026 को लाल सागर में भारतीय ध्वज वाले व्यावसायिक पोत पर हुआ हमला और उसके डूबने की घटना बेहद गंभीर है।
By : Admin User | Updated at : 05 Aug 2026, 12:39 pm (IST)
यमन के पश्चिमी तट के निकट लाल सागर में भारतीय ध्वज वाले मालवाहक पोत MSV Faize Noore Oliya पर हुए हमले के बाद जहाज समुद्र में समा गया। राहत की बात यह रही कि जहाज पर मौजूद 13 भारतीय नागरिकों समेत सभी 14 चालक दल के सदस्यों को समय रहते सुरक्षित निकाल लिया गया और किसी के घायल होने की सूचना नहीं है।
केंद्रीय बंदरगाह, पोत परिवहन एवं जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि भारतीय जहाज पर यमन के समुद्री क्षेत्र के पास हमला हुआ, जिसके बाद वह डूब गया। उन्होंने इस घटना को निर्दोष नागरिक पोत पर किया गया गंभीर हमला बताते हुए इसकी कड़ी निंदा की और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की आवश्यकता पर जोर दिया।
दूसरी ओर, यमन सरकार समर्थित नेशनल रेजिस्टेंस फोर्सेज का दावा है कि जहाज को पश्चिमी तट के पास विस्फोटकों से लदी एक नाव के जरिए निशाना बनाया गया। फिलहाल हमले की प्रकृति और जिम्मेदार पक्ष को लेकर अलग-अलग दावे सामने आ रहे हैं।
भारत के विदेश मंत्रालय ने भी इस घटना पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि 4 अगस्त 2026 को लाल सागर में भारतीय ध्वज वाले व्यावसायिक पोत पर हुआ हमला और उसके डूबने की घटना बेहद गंभीर है। मंत्रालय ने इस हमले की कड़ी निंदा करते हुए समुद्री व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर बल दिया।
गौरतलब है कि हाल के सप्ताहों में लाल सागर और बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य में सुरक्षा स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है। यह जलमार्ग वैश्विक व्यापार के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है और एशिया, यूरोप तथा मध्य-पूर्व के बीच माल परिवहन का प्रमुख समुद्री रास्ता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस क्षेत्र में बढ़ते हमले न केवल अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार बल्कि वैश्विक सप्लाई चेन के लिए भी चुनौती बन सकते हैं। ऐसे में भारतीय जहाज पर हुआ यह हमला समुद्री सुरक्षा से जुड़े गंभीर सवाल खड़े करता है और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सामूहिक कार्रवाई की जरूरत को भी रेखांकित करता है।
Published at : 05 Aug 2026, 12:39 pm (IST)