वांगचुक ने बातचीत में यह भी कहा कि किसी भी आंदोलन का उद्देश्य स्वयं को नुकसान पहुंचाना नहीं, बल्कि व्यवस्था और सरकार का ध्यान जनता की समस्याओं की ओर आकर्षित करना होता है। उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि महात्मा गांधी भी अपने उपवास के दौरान पानी और नींबू का सेवन करते थे।
By : Admin User | Updated at : 05 Aug 2026, 04:17 pm (IST)
झारखंड की राजधानी रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में JPSC-JSSC परीक्षा प्रणाली में कथित अनियमितताओं के खिलाफ चल रहा छात्र आंदोलन लगातार जारी है। इसी आंदोलन के तहत जेएलकेएम के केंद्रीय उपाध्यक्ष देवेंद्र नाथ महतो कई दिनों से अनशन पर बैठे हुए थे। उन्होंने पहले कहा था कि वे तभी अनशन समाप्त करेंगे, जब सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक स्वयं रांची आकर उनसे मुलाकात करेंगे।
इस बीच सोनम वांगचुक ने देवेंद्र महतो से फोन पर बातचीत की और उनकी सेहत को प्राथमिकता देने की सलाह दी। उन्होंने आग्रह किया कि लंबे आंदोलन को जारी रखने के लिए पानी और शहद का सेवन करना जरूरी है। लगातार समझाने के बाद महतो ने उनकी अपील स्वीकार करते हुए पानी ग्रहण किया और अपना वॉटर फास्ट समाप्त कर दिया।
बातचीत के दौरान देवेंद्र महतो ने वांगचुक के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए कहा कि वे चाहते थे कि उनके सामने ही अनशन समाप्त करें। इस पर वांगचुक ने आश्वासन दिया कि वे जल्द रांची पहुंचकर आंदोलन का समर्थन करेंगे और छात्रों से भी मुलाकात करेंगे।
वांगचुक ने बातचीत में यह भी कहा कि किसी भी आंदोलन का उद्देश्य स्वयं को नुकसान पहुंचाना नहीं, बल्कि व्यवस्था और सरकार का ध्यान जनता की समस्याओं की ओर आकर्षित करना होता है। उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि महात्मा गांधी भी अपने उपवास के दौरान पानी और नींबू का सेवन करते थे, जिससे लंबे समय तक शरीर में ऊर्जा बनी रहती थी।
रांची में छात्रों का यह आंदोलन लगातार जारी है और प्रदर्शनकारी परीक्षा प्रणाली में सुधार तथा कथित गड़बड़ियों की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं।
Published at : 05 Aug 2026, 01:21 pm (IST)