करोड़ों रुपये की कथित निवेश धोखाधड़ी मामले में फरार चल रही विशाखा राठौड़ को CBI ने संयुक्त अरब अमीरात (UAE) से भारत प्रत्यर्पित कराया है। एजेंसी के मुताबिक आरोपी पर निवेशकों को गारंटीड रिटर्न का लालच देकर बड़ी रकम जुटाने और उसके गबन का आरोप है।
By : Admin User | Updated at : 05 Aug 2026, 06:55 pm (IST)
केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) को एक बड़े आर्थिक अपराध मामले में महत्वपूर्ण सफलता मिली है। करोड़ों रुपये की कथित निवेश धोखाधड़ी की आरोपी विशाखा राठौड़ को संयुक्त अरब अमीरात (UAE) से भारत प्रत्यर्पित कर लिया गया है। यह कार्रवाई विदेश मंत्रालय (MEA), गृह मंत्रालय (MHA) और UAE की संबंधित एजेंसियों के सहयोग से पूरी की गई।
CBI के अनुसार, विशाखा राठौड़ लंबे समय से फरार थी और उसके खिलाफ आर्थिक अपराध से जुड़े गंभीर आरोप दर्ज हैं। जांच एजेंसी का कहना है कि आरोपी ने अपने सहयोगियों के साथ मिलकर निवेशकों को हर महीने निश्चित और गारंटीड रिटर्न का झांसा देकर विभिन्न निवेश योजनाओं में पैसा लगाने के लिए प्रेरित किया।
जांच में यह भी सामने आया कि निवेशकों से जुटाई गई रकम का कथित रूप से गबन किया गया और बाद में उसे अलग-अलग बैंक खातों तथा डीमैट खातों के जरिए स्थानांतरित कर धन के स्रोत को छिपाने की कोशिश की गई।
आरोपी की गिरफ्तारी सुनिश्चित करने के लिए CBI ने इंटरपोल के माध्यम से रेड नोटिस जारी कराया था। इसके बाद UAE के अधिकारियों ने उसे हिरासत में लिया और कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद भारत को सौंप दिया।
CBI का कहना है कि अब विशाखा राठौड़ से पूछताछ कर पूरे आर्थिक नेटवर्क, अन्य संदिग्धों की भूमिका और निवेशकों की रकम के लेन-देन की विस्तृत जांच की जाएगी। फिलहाल मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।
गौरतलब है कि अभी तक जांच एजेंसियों ने सार्वजनिक रूप से यह जानकारी साझा नहीं की है कि विशाखा राठौड़ किस कंपनी से जुड़ी थीं या उनकी पेशेवर पृष्ठभूमि क्या थी।
Published at : 05 Aug 2026, 06:51 pm (IST)